कैसे अपने कज़िन प्रेमी से विधिपूर्वक शादी करें।

ये इश्क़ नहीं आसां, बस इतना समझ लीजिए, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है।

यक़ीन मानिये, कज़िन लव में गालिब के ये अल्फाज़ बिल्कुल ठीक बैठता है। कज़िन लव और कज़िन मैरिज में आपको आत्मबल, रुपये, समझदारी और तल्लीनता सब लगती है। यहाँ रुपये और सब्र का खेल ज्यादा है। इस दुनिया में कज़िन प्रेमियों को बहुत पक्षपात झेलना पड़ता है। जहाँ कज़िन प्रेमी अपने दिमाग़ में ठूसे सदियों पुराने झूठ से लड़ते हैं वहीं असल दुनिया में इनके अपने माता-पिता तक इनके सबसे बड़े शत्रु बन जाते हैं। सबसे पहले तो सभी कज़िन प्रेमियों को अपने दिमाग़ से सच के द्वारा एक झूठ साफ़ करना होगा।

भाई बहिन कौन होते हैं?

भाई बहिन वो दो स्त्री-पुरुष होते हैं जो एक ही माँ की कोख से जन्में होते हैं। इस तरह अगर दो बच्चों की माँ एक है पर बाप अलग-अलग हैं तो वो भी सौतेले ही कहलाते हैं। वहाँ भी माँ के एक होने के बाद भी वो सौतेले कहे जाते हैं। ध्यान दें “भाई” और “बहिन” एक संबोधन है जिससे हम किसी व्यक्ति को बुलाते हैं। जब तक संबोधन में भावना न हो संबोधन अर्थहीन ही रहता है। जहाँ एक सच्चे तपस्वी के लिये प्रत्येक इनसान भाई बहिन हो जाते हैं वहीं एक बलात्कारी के लिये भाई बहिन शब्द कोई मायने नहीं रखते। अब एक ही व्यक्ति से पूरी उम्र प्रेम करने का मद्दा रखने वाले कज़िन अच्छे है या पहले से प्रेम होते हुई किसी दूसरे से संबंध जोड़ने वाले व्यक्ति बुरे हैं इसका पता आप भी लगा सकते हैं। यक़ीनन ये सत्य कि केवल माँ की कोख से जनमें दो जन ही भाई-बहिन होते हैं, इसे पचाने में आपको समय लगेगा पर ये ज़रूरी है। पूर्वजों ने कई तरीक़ों से सत्य को तोड़ मरोड़ा है, इसी कारण उन्हें हम दक़ियानूस कहते हैं।

पर इस समस्या की जड़ कहाँ है?

इस समस्या की जड़ है रुपया। जी हाँ, यहाँ भी सम्पत्ति विकृति की जननी है। कालांतर में, जब लोगों ने सम्पत्ति जुटाना शुरु कर दिया तब उन्होंने सम्पत्ति हमेशा के लिये अपने पास रखने का तरीक़ा भी इज़ाद कर लिया। उसके लिये उन्होंने विरासत का सृजन किया। इस तरह वो मर गए पर पीछे अपने बच्चों के लिये सम्पत्ति छोड़ गए। क़ानूनन अगर कोई व्यक्ति बिना संतान के मर जाता है तो उसकी सम्पत्ति उसके सबसे क़रीबी संबंधी को दे दी जाती है।

मान लीजिये, मैं बिना किसी संतान के दुनिया से विदा ले लेटा हूँ तो मेरी सारी सम्पत्ति मेरे भाई/बहिन में बंट जायेगी। ऐसे में अगर मेरा कोई भाई/बहिन न हो तो मेरी सम्पत्ति में चाचा, ताऊ या ऐसे ही किसी व्यक्ति के परिवार में बंट जायेगी।

इस प्रणाली की एक सबसे बड़ी खामी आज भी हमारे समाज को खोखला किये हुए है। क्योंकि साधारणतः सम्पत्ति भाई/बहिन में बंट जाती है इस कारण सभी को ये लगने लगा है कि हमारे रिश्तेदारों के बच्चे भी आपस में भाई बहिन है। यही कारण है कि हमारे समाज में चचेरी-बहिन, ममेरे-भाई जैसे भ्रामक शब्द प्रचलित हैं, पर सत्य यही है कि दुनिया में कोई ममेरा-चचेरा भाई बहिन नहीं होते, वो सब सिर्फ़ रिश्तेदार होते हैं। जब तक स्वेच्छा से भाई बहिन का भाव रहता है तब तक तो सब ठीक रहता है पर जैसे ही ये रिश्ता किसी पर थोपा जाने लगता है, सब बरबाद हो जाता है।

तो क्या कज़िन से विधिपूर्वक विवाह संभव है?

ये निर्भर करता है शादी करने के तरीक़े पर। हिन्दु विवाह अधिनियम में लिखे प्रतिबंध के चलते कज़िन से शादी करना लगभग संभव है।विधि के अनुसार अगर आपके समाज, परिवार, धर्म आदि में से किसी एक के भी रीति-रिवाज़ कज़िन से शादी करने की इज़ाज़त देते हैं तो आप विवाह कर सकते हैं। साफ़ शब्दों में अगर आपके माता-पिता कज़िन शादी पर अपनी सहमति देते हैं तो शादी वैधानिक है। ये हमेशा याद रखिये कि रीति-रिवाज़ नए बनते रहते हैं। आपको सिर्फ़ जेब में रुपए और मुँह में परिजनों के लिये मीठे-मीठे बोल चाहिये। अगर आपके पास दोनों नहीं है तो आप परिवार से अलग होकर अपना नया परिवार बना सकते हैं।

क्या होगा अगर मेरे माता-पिता मेरी कज़िन से शादी पर आपत्ति उठा दें?

ऐसी परिस्थिति में आप की शादी अवैध होगी और अगर आपत्ति शादी के बाद उठती है तो अवैध घोषित कर दी जायेगी। भारत वाकई में एक अच्छा देश है पर इस में भी खामियाँ हैं। भारत का संविधान आपको जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं देता। यही होता आया है आज तक।हमारे देश के ज्यादातर नेता धोखेबाज़, अपराधी और अनपढ़ हैं (मैं ने ज्यादातर नेता कहा है, सारे नेता नहीं)। ऐसे में उन नेताओं से हमें जीवनसाथी चुनने का अधिकार देने की आशा रखना भी बेमानी है।

हम में से कुछ को ही पता है कि अक्टूबर 2008 में लाँ कमीशन की एक रिपोर्ट (Report No. 212) में विवाह विधियों से कज़िन मैरिज पर लगे प्रतिबंध को हटाने की शिफारिश की गई थी। लाँ कमीशन ने अपना काम बख़ूबी किया पर नेता अपने सरकारी आवास में चैन की नींद सोते रह गए।

अंततः जवाब यही है कि कज़िन मैरिज प्रतिबंधित हैं, पर प्रतिबंधित तो दहेज प्रथा भी है। अगर माता-पिता को आप राजी कर लें तो कज़िन मैरिज भी पूरी तरह से वैध हो सकती है। आप कज़िन से शादी कर सकते हैं पर लम्बे संघर्ष के बाद। अगर कज़िन से शादी करना चाहते हैं तो माता-पिता को मना लीजिये। अगर ऐसा संभव न हो तो अपना सामान बाँधिये और घर छोड़ कर जाते-जाते माता-पिता को सीधे शब्दों में कह दीजिये कि वो आपके वैवाहिक जीवन में कोई दख़ल न दें।

हमारी इस श्रृंखला का आख़िरी पोस्ट पढ़िये:-

अपनी कज़िन से शादी के माता-पिता को कैसे राजी करें?

One Reply to “कैसे अपने कज़िन प्रेमी से विधिपूर्वक शादी करें।”

  1. Bilkul thik kaha aapne .maine v apni cousin(sagi bua ki ladki ) se shadi ki hai .humne ghar se bhag ke shadi ki thi lekin jab humare judwa bachche hue to ghar wale v maan gaye . Ab to hum log parivaar k sath khusi khusi rah ranhe hai.

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